शुक्रवार, ७ फेब्रुवारी, २०२०

फूल ही नहीं दवाई भी है सदाबहार

दवाई है सदाबहार
सदाबहार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाए नियंत्रण सदाबहार का सेवन करने से रोगों से बने का क्षमता बढाता है मधूमेह लाभदायक जसा माना जाता है की सदाबहार फूल मधूमेह की बिमारी को नियंत्रित रखता हे त्वचा संबंधी रोगों मे फायदेमंद त्वचा पर खुजली लाल निशान या किसी तरह की होने पर पत्तीयों के रस लगान पर भी बेहद आराम‌ मिलता है बवासीर नाशक आदिवासी जानकारों के अनुसार सदाबहार की पत्तियों और फूलों को कुचलकर बवासीर होने पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है

गुरुवार, ६ फेब्रुवारी, २०२०

धाना corn


धान जौ आदि को भूनकर धाना बनाता है वर्तमान मे केग्लास cornflex इसका एक प्रकार है जो मक्के से निर्मित होता है आयुर्वेद मे धान या जौ से निर्मित धाना अधिक गुणकारी है इस मे दूध,न एवं शक्कर मिलाकर सेवन करने पर यह शरीर के बल को बढाता है पचने मे हल्का व पोषण प्रदान करता है इसका प्रयोग नाश्ते के रूप में किया जा सकता है पोषण के अतिरिक्त यह कंठ नेत्र के रोग उलटी दस्त होने पर अच्छे भोजन का विकल्प है रोग नियंत्रण के लिये भी इससे मदद मिलती है

सोमवार, ३ फेब्रुवारी, २०२०

मुलतानी मिट्टी से निखारें त्वचा


आपको अपनी त्वचा को निखार राने के लिये किसी महंगी फेयरनेस कीरीम या डक्टरों की दवा की जरूर नहीं खूबसुरत त्वचा के लिये सबसे सभ्यता और कामगार उपाय है मुल्तानी मिट्टी जो त्वचा के लिये कास्मेटीक गुणों से भरपूर होती है मुलतानी मिट्टी का प्रयोग आपकी त्वचा को सुंदर बनाता है

नट्स बेहतर करते है विवर फंक्शन


नट्स और दाल मे व्हिटामिन और फेनोलिक एसिड पाया जाता है यह फायबर से भरपूर है अध्ययन के मुताबिक लिवर ही फंक्शन को बेहतर करने में अखरोट और पेड से प्राप्त अन्य नट्स जैसे बादाम काजू किशमिश मूंगफल्ली आदि का प्रयोग करना फायदेमंद है

रविवार, २ फेब्रुवारी, २०२०

पपीता


पपीता सबसे कम समय फल देने वाला पेंड है इसलिए हर कोई इसे लगाना पसंद करता है पपीता केवल सरलता से उगाने वाला फल है बल्कि जल्दी लाभ देने वाला फल है यह स्वास्थवरधक तथा लोक प्रिय इसी से इसे अमुरत घाट भी कहा जाता है पपीता मे क इ पाचक इन्जाम भी पाये जाते है इस के ताजे फलों को सेवन करने से लम्बी कब्जीयत बीमारी भी दूर की जाती है फलों को तोडना पौधे लगाने के 9से10माह बाद फल तोंडाने लायक हो जाता है फलों का रंग गहरा और हरे रंग से बदलकर हल्का पीला होने लगता है तथा फलों पर नाखून लगाने से दूध की जगह पानी तथा तरल निकालाता हो तो समजना चाहिए कि फल पक गया होगा फलों को सावधानि से तोडना चाहिए छोटी अवस्था मे फलों की छटाई अवश्य करना चाहिए

अमरूद- अमरुद के फल फूल और पत्ते सेहत के लिये फायदेमंद है


अमरूद शरीर के लिये अमरुत है अरुंद का पेंड एक निसर्ग निर्मित है अभी इस के खेती बनावी जाती है इस के पत्तों का उबालकर सुबह पीने से पेट साफ हो जाता है हर दिन एक फल गाने से पाचशे शक्ती बढाने का काम करता यह पेंड लगाने मे बडी आसानी कलम व्दारा आसानी से लगा जाती है एक सिल के अंदर फल लग जाते है पेंड की देखभाल आसानी से कर सकते हैं साल में एक बार फल आते है वातावरण शुद्ध याने मे खूप सहय्यता होती है

शनिवार, १ फेब्रुवारी, २०२०

सत्यनाशी - सत्यनाशी सब रोगों का सत्यनाश


सत्यनाशी सतयनाशी पौधा एक वन्स्पती है आमतौर यह वनस्पती गावों मे पाई जाती है इसका रोपंवन कोई‌ नहीं करता यह खुद उग जाती है कुदरत ने‌ इसे मौसम हिसाब से बना दिया इस वक्त यह वनस्पती जहां‌ वहां उगी हूई दिखाई देगी ज्यादा तर यह वनस्पती थंड के मौसम गांवों के अगल बगल दिखाई देती हैं अभी इसे छोटे छोटे पूल लगे दिखते है गाव के जानकार लोग इसके फूल पौधे और पत्तीयों से विभिन्न दवाईयां बना कर बच्चों से लेकरं बडों तक इस का प्रयोग करते है मानव जात मे विविध बिमारियां होते है इस वनस्पती का प्रयोग से सभी बिमारियां खतम करने का दावा बूजुरग लोग बताते है इस की जानकारी देने पर वैद्य हमे अनेक उपाय बताकर हैरान कर देते है सत्यनाशी दवा के रूप में गावो मे जहां मेडीकल की सोय नहीं होती ऐसे पिछडा एरिया मे इसे उपयोग मे लाये जाते है यह सर्दीयों मे मिलता है फरवरी मे फूल और फल आते है और धूप मे ये नष्ट हो जाती है