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मंगळवार, १० मार्च, २०२०

नमस्ते का वास्तविक अर्थ


नमस्ते का वास्तविक अर्थ

            "   नमस्ते "
नमस्ते किसी का अभिवादन या सवगत करने का एक अद्भुत संकेत है जीसके vaidhybanik फायदे भी है नमस्ते का उच्चारण करने से शरीर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है जो सामने आने वाली व्यक्ती की  आत्मा को भी तृपती करती है भारतीय संस्कृती मे नमस्ते का एक महत्वपूर्ण स्थान है अधिक तर लोग सीचाते है की नमस्ते लोगो का स्वगत aur अभिनंदन करने का  मध्यम हैं जो सदियोन  से इसतेमाल  किया जा रहा है लेकीन आपको शयद पता नहीं होगा  की नमस्ते इन शब्दो का  मतलब होता है इस संकेत का योगा मे इस्तेमाल करने का फायदा बताया गाया है

शुक्रवार, २१ फेब्रुवारी, २०२०

प्रकृति का अनुपम उपहार है धूप

बहुत काम लोगो को यह है ज्ञात है कि सूर्य की किर्नो से हमारी त्वचा जिस ऊर्जा को ग्रहण करते है वह हमारे शरीर के विकास के लिए कितना आवश्यक है। सब के लिए विटामिन डी आवश्यक है जो सूर्य की किरणे हमे पूरी तरह मुक्त मे देती है। विटामिन डी के लिए श्रेष्ठ स्रोत सूर्य की किरणे है। इस्की आपूर्ति सूर्यकिरण से जितना सरलता से हो जाता है इतनी किसी अन्य से नही। कुछ देर मात्र के लिए धूप मे निकल जाना भी स्वास्थ्य हेतू लाभदायी होता है। धूप मे मात्र पंधरा मिनिट खडे हो जाने से शरीर को जरूरी विटामिन डी की प्राप्ति होती है।

uphar dhup

बुधवार, १९ फेब्रुवारी, २०२०

आलू का झूलसा


आलू का झूलसा

आलू का दुल्हा रोग से बचाव

आलू रब्बी मौसम की एक नगदी फसलं है जो हर वर्ग द्वारा उपयोग मे लायी जाती है वैसे तो आलू की फसलं मे बुवांई से लेकरं उत्पादन खुदाई तथा भंडारा का समय समय पर विभिन्न रोगों का प्रकोप होता है

अगेता झूलसा
यह रोग अल्टरनेरिया सोलेनाई नामक फफूंद से होता है


सोमवार, १७ फेब्रुवारी, २०२०

अनार


  • अनार के स्वास्थ्य लाभ:
  • खून की कमी को दूर करने के लिए अनार का जूस सबसे अच्छा माना जाता है।
  • दील की बिमारीया के लिए भी अनार को बहुत पौष्टिक माना जाता है।
  • कॅन्सर के बचाव करणे मे भी अनार कारगर होता है।
  • इसके  साथ ही यह हड्डीयों को मजबूत करणे, ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने, वजन कम करने मे भी बहुत लाभकारी होता है।
  • अनार खाने से शरीर में खून का प्रवाह ठीक तरसे होता है। इसके साथ साथ येह हर्ट अटॅक और हार्ट स्ट्रोक कोबी ठीक करता है।

रविवार, १६ फेब्रुवारी, २०२०

सोया प्रोडक्ट है लाभकारी

सोया productजो भी पदार्थ सोयाबीन से बने होते हैं उन्हें  सोया के नाम से जाना जाता है। यह प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत होता है इसके अलावा इसके इसके अलावा इसमे शरीर के लिए जरुरी अमिनो एसिड पाया जाता है। सोया उत्पादों में सॅच्युरेटेड फॅट कम मात्रा मे पाया जाता है इसलिये इसके सेवन से हृदय रोग,
स्तन कॅन्सर ओर अन्य बिमारी से बचाव  होता है। लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते है। यहा हम आपको सोया प्रोटीन के फायदे और नुकसान के बारे मे बता रहे है ।

1) हृदय  रोगो से बचाव:
                            सोया उत्पादक के सेवन से हृदय रोग से बचाव होता है। इसमे कोलेस्ट्रॉल फेट की मात्रा काफी कम होती है जिसकी वजह से जुडे रोगो की आशंका कम रहती है। अगर आप हर रोज अपने आहार मे सोया उत्पादक को शामिल करे तो बिना किसी परेशानी के स्वस्थ सकते है।

2) कोलोन कॅन्सर से बचाये:
                                   कोलोन कॅन्सर एक गंभीर और जानलेवा बिमारी मे से एक है। यह पाचन तंत्र से जुडी समस्या होती है। सोया से बनी चीजो का सेवन आपको कोई समस्या से निजात दिला सकता है। शोधु के मुताबिक सोया का सेवन कोलोन कॅन्सर के खतरे को काफी हद तक काम करता है।

3) प्रोटेस्ट हेल्थ:
                     सोया उत्पादकास एवं प्रोटेस्ट की क्रियाशीलता को बढाता है। सोया मे इसोफ्लावोन्स पाया जाता है जॉकी एंटीऑक्सीडेंट भरपूर से होता है। इसके अलावा यह प्रोटेस्ट मे कॅन्सर की कोशिकाओं को बढ़ने मे भी रोकता है। इसीलिए अपने आहार मे सोया उत्पादो का जरूर शामिल करे।

4) हड्डियों की मजबूती के लिये:
                                         जो लोग सोया उत्पादो का सेवन करते हे उनमे हड्डियों से जुडी समस्या जैसे ऑस्टियोपोरोसिस, अर्थराइटिस आधी कम होती है। खास तोर महिलाओ को सोया उत्पादो का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि हड्डी से जुडी समस्या होने की जादा संभावना होती है।

5 ) इम्यून सिस्टिम मजबुत बनाये:
                                          सोया मे प्राकृतिक डिटर्जंट होता है जिसे सपोनिंस कहते है। यह आंत से कोलेस्ट्रॉल की सफाई करता है और उसे अवशोषित करनेसे बचाता है। इसके अलावा यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढाता है जिसे आप बिमारी से बचें रहते है।

6) मधुमेह को दूर करे:
                             सोया का सेवन करणे वाले लोगो के शरीर मे ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है जिसे मधुमेह जैसी गंभीर बिमारी से बचे रहते है। इसमे मौजूद फायबर ब्लड ग्लुकोज को कम करने मे मदत करते है। इसके अलावा यहा किडनी से संबंधित समस्या से बचने के लिए सोया का सेवन फायदेमंद रहता है। हर रोज सोया उत्पादन को अपने आहार में शामिल करे और देखे की किडनी से संबंधित जो भी समस्या है वह धीरे धीरे कम हो जायेगी।

7) सोया प्रोटीन के दुष्प्रभाव भी है:
                                       सोया स्नॅक्स का कभी कमाल उपभोग नुकसान नही पोहोचता। सोया पोष्टिक होता है और इसमे अन्य लाभकारी चीजे भी होती है। लेकीन, दुर्भाग्य से जब आप सोया की बनी बहुत सारी चीजो का उपय
भ करते है

पालक खाएं, रोग भगाएं

https//deorao.blogpost.com पालक खाए रोग भगाए
  1. पोषक तत्व:
  2. पालक मे कॅलरी 23, प्रोटीन 2 प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट 2.9 प्रतिशत, वसा 0.7 प्रतिशत, सोडियम 3 प्रतिशत, पोटॅशियम 15 प्रतिशत, विटामिन ए 187 प्रतिशत, विटामिन सी 46 प्रतिशत, कॅल्शियम 9 प्रतिशत, आयरन 15 प्रतिशत, मॅग्नेशियम 19 प्रतिशत मौजूद होता है।

  3. पालक खाने के फायदे:
  4. 1) पीलिया के दौरान रोगी को पालक का रस कच्चे पपीते मे मिलाकर दिया जाये तो काफी लाभदायक सिद्ध होता है।

  5. 2) लो ब्लड प्रेशर के रोगियो को रोजाना पालक की सब्जी का सेवन करना चाहिये। माना जाता है कि यह रक्तप्रवाह को नियंत्रित करणे मे मदत करता है।

  6. 3)थायरॉईड मे एक प्याला पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जिरे का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।

  7. 4) पालक के ज्यूस से खुल्ला करणे से दातो की समस्या व मुह की बदबू जैसे विकार दूर हो जाते है। जिन्हे ॲनिमिया या रक्ताल्पता की शिकायत हो, गुन्हे प्रतिदिन पालक का रस(लगभग एक गिलास) दिन मे तीन बार अवश्‍य लेना चाहिये।

  8. 5) दिल से संबंधित बिमारी से ग्रस्त रोगियों को प्रतिदिन एक पालक के ज्यूस के साथ दो चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिये, लोह तत्व मानव शरीर के लिए उपयोगी तथा महत्त्वपूर्ण व अनिवार्य होता है ‌। लोहे के कारण ही शरीर के रक्त मे स्थित रक्ताणुओ मे रोग निरोधक क्षमता तारक तमे रक्तिमा (लालपन) आती है । लोहे की कमी के कारण ही रक्त मे रक्ताणुओ की कमी हो कर प्राय: पांडुरोग उत्पन्न हो जाता है।

  9. 6) आयुर्वेद के अनुसार पालक की भाजी सामान्यत: रुचकर और शीघ्र पचने वाली होती है। इस के बीज मृदू, विरेचक ए व शीतल होते है। ये कठिनाई से आने वाली श्वास, यकृत की सूजन और पांडुरोग की निवृत्ती हेतू उपयोग मे लाये जाते है।

  10. 7) गर्मी का नजला, सिने और फेफडे की जलन मे भी यह लाभप्रद है। यह पित्त की तेजी को शांत करती है। गर्मी की वजह से होनेवाले पिलिया और खासी मे यह बहुत लाभदायक है। 

  11. 8) पालक कारस लाभदायक है। कच्चे पालका रसाला गिलास नित्य पीते रहने से कब्ज नाश होता है।

  12. 9) अगर आप अपने रुखी त्वचा से  परेशान है, तो पालक खाये क्यू क इस मे पानी की मात्र जादा होती है , जो आपकी पहचान नर्म और बनाये रखने में सहायता करती है। 

  13. 10) पालक फेफडों की सड़न को दुर करता है तथा आंतो के रोग व दस्त आधी मे भी लाभदायक है।

Mushroom

https//deorao.blogspost.com musharoo इरूक महुआ पुष्प का उपयोग औषधी के रूप में

आज भी आधुनिक औषधी विज्ञान यह मानता है कि आदमी जनो दरवाजा शारीरीक विकरों को दूर करने के लिये किए ग एक विभिन्न वन औषधीयों का अनुसंधान व उपयोग पूर्ण वैज्ञानिक व जीवन के लिये अधिक सुरक्षित है. भारतीय आयुर्वेद अब तक लगभग 800 वनस्पती प्रजातियों का अनुसंधान कर औषधीय रूप मे उपयोग कर पाया है. वही आदिमजनों द्वारा विभिन्न असाध्य व असाध्य रोग दोषों के निवारण हेतू लगभग 8000 प्रजाति के वनऔषधी उपयोग करते हैं. यह आधुनिक सभ्य समाज के लिये हे आश्चर्यजनक किन्तु सत्य है. इनमे से  इरुक पुष्प भी एक औषधी है. इरुक पुष्प का उपयोग आदिम समाज मे विभिन्न तरीके से औषधीय रूप मे उपयोग किये जाते है जो निंम्नानुसार है-ं
1. ताजे व सुखे पुष्प औषधी के रूप में-
(क) यह भोजन के रूप मे शक्तिवर्धक और स्फूर्ती दायक होता है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता की बडोत्री करता हे पेट व पाचन संबंधी विकारोंकों दूर करता है

शनिवार, १५ फेब्रुवारी, २०२०

Mushroom

Genodrama क्या है

अनेक दिन पहले प्राचीन काल मे एक रहस्यमय के बीच एक अनोखी कुकमुता या फफूंद मश्रुम रही थी जिससे चीन के पुराने लोगों जडी बूटीयों के देवता मानते थे

गेनोडरमा सर्व मुंगी हरब

अनेक रोगों की इलाज करना और शरीर को स्पूरतिदायक बनावे की क्षमता रही है

जहरीले तत्व को नष्ट करना रक्तचाप संतुलन यांना और ट्युमर को ठीक करने के लिये जान पहचान है

इसमे जीवाणू भुताणु और दुसरे सुक्ष्म जीवों के साथ लग्ने के लिये अभूत क्षमता है

सूचना****

वेस्टीज गेनोडरमा कोई दवा नहीं एक स्वास्थ्य पौष्टिक पूरक आहार है इस को देते वक्त अगर आप पहले से ही कोई दवा लै रहे हैं तो कूरपया इस दवा का सेवन बंद करेhttps//deorao.blogspost.com mushroom

शुक्रवार, ७ फेब्रुवारी, २०२०

फूल ही नहीं दवाई भी है सदाबहार

दवाई है सदाबहार
सदाबहार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाए नियंत्रण सदाबहार का सेवन करने से रोगों से बने का क्षमता बढाता है मधूमेह लाभदायक जसा माना जाता है की सदाबहार फूल मधूमेह की बिमारी को नियंत्रित रखता हे त्वचा संबंधी रोगों मे फायदेमंद त्वचा पर खुजली लाल निशान या किसी तरह की होने पर पत्तीयों के रस लगान पर भी बेहद आराम‌ मिलता है बवासीर नाशक आदिवासी जानकारों के अनुसार सदाबहार की पत्तियों और फूलों को कुचलकर बवासीर होने पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है

गुरुवार, ६ फेब्रुवारी, २०२०

धाना corn


धान जौ आदि को भूनकर धाना बनाता है वर्तमान मे केग्लास cornflex इसका एक प्रकार है जो मक्के से निर्मित होता है आयुर्वेद मे धान या जौ से निर्मित धाना अधिक गुणकारी है इस मे दूध,न एवं शक्कर मिलाकर सेवन करने पर यह शरीर के बल को बढाता है पचने मे हल्का व पोषण प्रदान करता है इसका प्रयोग नाश्ते के रूप में किया जा सकता है पोषण के अतिरिक्त यह कंठ नेत्र के रोग उलटी दस्त होने पर अच्छे भोजन का विकल्प है रोग नियंत्रण के लिये भी इससे मदद मिलती है

सोमवार, ३ फेब्रुवारी, २०२०

मुलतानी मिट्टी से निखारें त्वचा


आपको अपनी त्वचा को निखार राने के लिये किसी महंगी फेयरनेस कीरीम या डक्टरों की दवा की जरूर नहीं खूबसुरत त्वचा के लिये सबसे सभ्यता और कामगार उपाय है मुल्तानी मिट्टी जो त्वचा के लिये कास्मेटीक गुणों से भरपूर होती है मुलतानी मिट्टी का प्रयोग आपकी त्वचा को सुंदर बनाता है

नट्स बेहतर करते है विवर फंक्शन


नट्स और दाल मे व्हिटामिन और फेनोलिक एसिड पाया जाता है यह फायबर से भरपूर है अध्ययन के मुताबिक लिवर ही फंक्शन को बेहतर करने में अखरोट और पेड से प्राप्त अन्य नट्स जैसे बादाम काजू किशमिश मूंगफल्ली आदि का प्रयोग करना फायदेमंद है

रविवार, २ फेब्रुवारी, २०२०

पपीता


पपीता सबसे कम समय फल देने वाला पेंड है इसलिए हर कोई इसे लगाना पसंद करता है पपीता केवल सरलता से उगाने वाला फल है बल्कि जल्दी लाभ देने वाला फल है यह स्वास्थवरधक तथा लोक प्रिय इसी से इसे अमुरत घाट भी कहा जाता है पपीता मे क इ पाचक इन्जाम भी पाये जाते है इस के ताजे फलों को सेवन करने से लम्बी कब्जीयत बीमारी भी दूर की जाती है फलों को तोडना पौधे लगाने के 9से10माह बाद फल तोंडाने लायक हो जाता है फलों का रंग गहरा और हरे रंग से बदलकर हल्का पीला होने लगता है तथा फलों पर नाखून लगाने से दूध की जगह पानी तथा तरल निकालाता हो तो समजना चाहिए कि फल पक गया होगा फलों को सावधानि से तोडना चाहिए छोटी अवस्था मे फलों की छटाई अवश्य करना चाहिए

अमरूद- अमरुद के फल फूल और पत्ते सेहत के लिये फायदेमंद है


अमरूद शरीर के लिये अमरुत है अरुंद का पेंड एक निसर्ग निर्मित है अभी इस के खेती बनावी जाती है इस के पत्तों का उबालकर सुबह पीने से पेट साफ हो जाता है हर दिन एक फल गाने से पाचशे शक्ती बढाने का काम करता यह पेंड लगाने मे बडी आसानी कलम व्दारा आसानी से लगा जाती है एक सिल के अंदर फल लग जाते है पेंड की देखभाल आसानी से कर सकते हैं साल में एक बार फल आते है वातावरण शुद्ध याने मे खूप सहय्यता होती है

शनिवार, १ फेब्रुवारी, २०२०

सत्यनाशी - सत्यनाशी सब रोगों का सत्यनाश


सत्यनाशी सतयनाशी पौधा एक वन्स्पती है आमतौर यह वनस्पती गावों मे पाई जाती है इसका रोपंवन कोई‌ नहीं करता यह खुद उग जाती है कुदरत ने‌ इसे मौसम हिसाब से बना दिया इस वक्त यह वनस्पती जहां‌ वहां उगी हूई दिखाई देगी ज्यादा तर यह वनस्पती थंड के मौसम गांवों के अगल बगल दिखाई देती हैं अभी इसे छोटे छोटे पूल लगे दिखते है गाव के जानकार लोग इसके फूल पौधे और पत्तीयों से विभिन्न दवाईयां बना कर बच्चों से लेकरं बडों तक इस का प्रयोग करते है मानव जात मे विविध बिमारियां होते है इस वनस्पती का प्रयोग से सभी बिमारियां खतम करने का दावा बूजुरग लोग बताते है इस की जानकारी देने पर वैद्य हमे अनेक उपाय बताकर हैरान कर देते है सत्यनाशी दवा के रूप में गावो मे जहां मेडीकल की सोय नहीं होती ऐसे पिछडा एरिया मे इसे उपयोग मे लाये जाते है यह सर्दीयों मे मिलता है फरवरी मे फूल और फल आते है और धूप मे ये नष्ट हो जाती है

शुक्रवार, ३१ जानेवारी, २०२०

डॉ.ट ग्रीन तुलसी

अर्क आयुर्वेदिक कॅप्सूल Gale me dard v muh mechhalw:Dr. Green tulasiark ki char bundhe garam pani me d alkar Harare Kare Kular ke pani me 8 10 bundhe Dr green tulasi ki ark dalnese Sara Ghar vishanumukta ho jata hai SAT ka dard day me kida lagna masudo me khun Ana Dr green tulasi ark ki 4-4 bundhe pani me dalkar kulla karna chiyee Dr green tulasi ark smaran shaki ko tej karta hai. Bhojan ke bad ek bundh Dr green tulasi ark Sevan Karne se pet sambhi bahut Kam lagti hai

Paryavaran


हर साल 88लाख टन प्लास्टीक कचरा बहा रहै है हम समुद्र मे देश विदेश का बुध्दी जीवी वर्ग हर साल बढते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए चिंतन मंथन करता है मगर प्रदूषण की स्थीती घटने बजाय लगातार बढती जा रही है पूरे विश्व मे आम लोगों को जागरूता बनाने के लिये साथ ही कुछ सकारात्मक पर्यावरणीय कार्यवाही को लागू करने के लिये पर्यावरणीय मुद्धों को सुलझाने के लिये मानव जीवन में स्वस्थ और हरीत पर्यावरण के महत्व के सारे में वैश्विक जागरूकता को फैलाने के लिये पर्यावरण दिवस मनाया जाता है सबसे सस्ताऔर सबसे सुविधा जनक माने जाने वाले प्लास्टीक दुनिया के लिये बढा खतरा बन उभरा है दुनिया में हर साल 88 लाख टन प्लास्टीक कचरा समुद्र में पहुंचा रहा है इसी वजह से प्रती वर्ष 1 लाख समुद्र जीव हर साल समुद्र मे दम तोड रहे है

बुधवार, २९ जानेवारी, २०२०

रोटी का दिलचस्प इतिहास


भोजन मे रोटी का महत्त्व है इस की महक बडी मनमोहक होती है इस के चलते अमेरिका में भीषण रक्तपात सुख था सुख यह था कीवहां के मिशीगन राज्य मे बापरे कंबरडे मे रोटी की महक मिळते ही एक पेग इंडियन व्यक्ती रोटी मांगने गया जब उसे रोटी नहीं थी गयी तो वह आग बंडूला हो गया और उसने जबरदस्त नरसंहार कर डाव यह कभी पता नहीं चल सका है कि रोटी बनावे की कला कब और कमान सुरू सुई है अनुमान किया जाता है की आज से आठ हजार वर्ष पुर्व झील के इस पास रहने वाले लोग ने पहले पहले रोटी बनावी होगी उन लोगो न ने पथतर पर रोटी सेकने और आटा टीमने का तरिका खोत की होगी वैसे अमेरिका के मेट्रोपॉलिटन कल संग्रहालय को साढे तीन‌ सौहजार वर्ष बाद रोटी के कुकडे मिले हैं उधका आकार व प्रकार आज की राई की रोटीयों के समान ही है यहूदी भी रोटी बनाने की कला वही से ले आये फलस्वरूप व्हा रैटी और नानबाई की अनेको दुकाने खुली युनानी भी रोटी बनावे की कला मे शिंपून हो गये और 72प्रकार की रोटीयां बनाने लगे सुरू मे मंटो और अस्थानो मे तंदूर लगायें गये फिर बाद में गिरजाघरों मे सफेद रोटी परोसी गयी और यही से रोटी विशिष्ट लोगों को भोजन मे बनी रोटी कला के विकास मे रोमवासियों का भी योगदान है उन्होंने आटा गुरूने और टीमने की मशीने ईजाद की घोडे और गंधे इस मशीनों को घराणे ते गरीबों को रोटीयां मुफ्त दिवाळी जाने लगी उस समय युरोप मे आमतौर से लोग सफेद और काली रोटी खाकर पेट भरते ते लोगों की सभ्यता की तरह रोटीयां भी भिन्न भिन्न प्रकार की होती है जिल्हे देखील आसानी से पता लगातार जा सकता है कि ले किस देश की है इटली की किशमिश वाली पानोतोन रोटी लोकप्रिय है छडी तैसी आकार वाली गिसीन रोटी भी अच्छी होती है जर्मनी के लोग राई को रोटीयां बनावे मे सिद्धहस्त है इन रोटीयों को पेपरनिकल कहते हैं ये कडी और काले रंग की होती है इन मे से कुछ रोटीयां मुलायम होती है इसवी तरह अन्य देशों की रोटीयां मे भी भिन्नता है जैसे हमारे देश भारत की गोल चपाती मध्यम आयरलेंड की सोडे की रोटी रोम की चपटी और मतदार रोटी इंग्लंड की एक दुसरे उपर रंगी गोल बडी और हलकी रोटीhtttpa// roti ki dilchashpi

मंगळवार, २८ जानेवारी, २०२०

इलायची

<इलायची />
इलायची न केवल बहुत अच्छा मसाला है बल्कि यह सर्दी और जुकाम से भी बचाव करता है जुकाम होने पर इलायची को पीसकर रूमाल पर लगाकर सूंघने से सर्दी जुकाम और खांसी ठीक हो जाती है इसके करावा चार मे इलायची डालकर पीने से आराम मिलचा है काली मिरची पावडर जुकाम और खांसी के इलाज के लिये यह बहुत अच्छा देसी इलाज है दो चुटकी हल्दी पावडर दो चुटकी सौंठ पावडर लौंग का पावडर एक चुटकी और बडी इलायची आधी चुटकी लेकरं इन सबको एक गिलास दूध मे डालकर उडाली ले इस दूध मे मिस्त्री मिलाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है पुदीना चाय शरीर में बदलाव के लिये चमत्कार पुदीना एक औषधिय वनस्पती है लेकीन आप जानते है इस का उपयोग पुदीने के चाय रूप में भी किया जाता है हम अपने बेहतर स्वास्थ्य कही प्रकार की हर्बल चाय का इस्तेमाल करते है लेकीन मिंट टी के लाभ इन सभी चाय से अधिक है पुदीना का चाय प्रयोग आप अपने दिन का बेहतर सुरूवात कर सकते हैं पुदीना के पत्तों से बने चाय मे कमी औषधिया गुण होते है पुदीना चाय की खुशबू आपके मस्तिस्को शांत याने मे अच्छा उपाय है पुदीना से बनने वाली चाय सनसनी वाला स्वाद लोगों को आकर्षित करता है पुदीना के पत्रे से बनी चाय एक हर्बल चाय है इस औषधिय चाय का उपयोग सदियों से विभिन्न समस्यों को दूर करने के लिये किया जाता है पुदीना की बहुत ही वैरायटी होती है लेकीन उनमे से दो वैरायटी बहुत ही लोकप्रिय है जिने पिपरमेंट और स्पियरमिंट शाहिद है इस के करावा भी आप चाय बनावे के लिये एप्रिल मींट या लेमन मिंट अआदि का उपयोग भी कर सकते हैं पुदीना की चाय का स्वाद फंडाची प्रदान करने वाला होता है लेकीन कुछ प्रकार की पुदीना की चाय मे विभिन्न प्रकार के फलों का फ्लेवर होता है जिस के आधार ले गीरीन टी वैनीला टी या अन्य फलों के स्वाद का अनुभव करा सकते हैं पुदीना के चाय की खुशबू मनभावन होती है चिंता तनाव को दूर करे शिंदे की समस्या पचन तंत्र को ठीक करे उलटी मंत्री की समस्या मूहों की समस्या बालों की समस्या कपूर** सर्दी से बचाव के लिये कपूर का प्रयोग भी फायदेमंद है कपूर की एक टिकीया को रूमाल मे लेकरं बार बार सूंघने से आराम मिलचा है और बंद नाक खुले जाती है इस के अतिरिक्त कपूर सूंघने से खंड भी दूर होती है कपूर की टिकीया का प्रयोग करके आप सर्दी और जुकाम से बचाव कर सकते है