https//deorao.blogpost.com पालक खाए रोग भगाए
- पोषक तत्व:
- पालक मे कॅलरी 23, प्रोटीन 2 प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट 2.9 प्रतिशत, वसा 0.7 प्रतिशत, सोडियम 3 प्रतिशत, पोटॅशियम 15 प्रतिशत, विटामिन ए 187 प्रतिशत, विटामिन सी 46 प्रतिशत, कॅल्शियम 9 प्रतिशत, आयरन 15 प्रतिशत, मॅग्नेशियम 19 प्रतिशत मौजूद होता है।
- पालक खाने के फायदे:
- 1) पीलिया के दौरान रोगी को पालक का रस कच्चे पपीते मे मिलाकर दिया जाये तो काफी लाभदायक सिद्ध होता है।
- 2) लो ब्लड प्रेशर के रोगियो को रोजाना पालक की सब्जी का सेवन करना चाहिये। माना जाता है कि यह रक्तप्रवाह को नियंत्रित करणे मे मदत करता है।
- 3)थायरॉईड मे एक प्याला पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जिरे का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
- 4) पालक के ज्यूस से खुल्ला करणे से दातो की समस्या व मुह की बदबू जैसे विकार दूर हो जाते है। जिन्हे ॲनिमिया या रक्ताल्पता की शिकायत हो, गुन्हे प्रतिदिन पालक का रस(लगभग एक गिलास) दिन मे तीन बार अवश्य लेना चाहिये।
- 5) दिल से संबंधित बिमारी से ग्रस्त रोगियों को प्रतिदिन एक पालक के ज्यूस के साथ दो चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिये, लोह तत्व मानव शरीर के लिए उपयोगी तथा महत्त्वपूर्ण व अनिवार्य होता है । लोहे के कारण ही शरीर के रक्त मे स्थित रक्ताणुओ मे रोग निरोधक क्षमता तारक तमे रक्तिमा (लालपन) आती है । लोहे की कमी के कारण ही रक्त मे रक्ताणुओ की कमी हो कर प्राय: पांडुरोग उत्पन्न हो जाता है।
- 6) आयुर्वेद के अनुसार पालक की भाजी सामान्यत: रुचकर और शीघ्र पचने वाली होती है। इस के बीज मृदू, विरेचक ए व शीतल होते है। ये कठिनाई से आने वाली श्वास, यकृत की सूजन और पांडुरोग की निवृत्ती हेतू उपयोग मे लाये जाते है।
- 7) गर्मी का नजला, सिने और फेफडे की जलन मे भी यह लाभप्रद है। यह पित्त की तेजी को शांत करती है। गर्मी की वजह से होनेवाले पिलिया और खासी मे यह बहुत लाभदायक है।
- 8) पालक कारस लाभदायक है। कच्चे पालका रसाला गिलास नित्य पीते रहने से कब्ज नाश होता है।
- 9) अगर आप अपने रुखी त्वचा से परेशान है, तो पालक खाये क्यू क इस मे पानी की मात्र जादा होती है , जो आपकी पहचान नर्म और बनाये रखने में सहायता करती है।
- 10) पालक फेफडों की सड़न को दुर करता है तथा आंतो के रोग व दस्त आधी मे भी लाभदायक है।
कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा