https//deorao.blogspost.com musharoo इरूक महुआ पुष्प का उपयोग औषधी के रूप में
आज भी आधुनिक औषधी विज्ञान यह मानता है कि आदमी जनो दरवाजा शारीरीक विकरों को दूर करने के लिये किए ग एक विभिन्न वन औषधीयों का अनुसंधान व उपयोग पूर्ण वैज्ञानिक व जीवन के लिये अधिक सुरक्षित है. भारतीय आयुर्वेद अब तक लगभग 800 वनस्पती प्रजातियों का अनुसंधान कर औषधीय रूप मे उपयोग कर पाया है. वही आदिमजनों द्वारा विभिन्न असाध्य व असाध्य रोग दोषों के निवारण हेतू लगभग 8000 प्रजाति के वनऔषधी उपयोग करते हैं. यह आधुनिक सभ्य समाज के लिये हे आश्चर्यजनक किन्तु सत्य है. इनमे से इरुक पुष्प भी एक औषधी है. इरुक पुष्प का उपयोग आदिम समाज मे विभिन्न तरीके से औषधीय रूप मे उपयोग किये जाते है जो निंम्नानुसार है-ं
1. ताजे व सुखे पुष्प औषधी के रूप में-
(क) यह भोजन के रूप मे शक्तिवर्धक और स्फूर्ती दायक होता है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता की बडोत्री करता हे पेट व पाचन संबंधी विकारोंकों दूर करता है
आज भी आधुनिक औषधी विज्ञान यह मानता है कि आदमी जनो दरवाजा शारीरीक विकरों को दूर करने के लिये किए ग एक विभिन्न वन औषधीयों का अनुसंधान व उपयोग पूर्ण वैज्ञानिक व जीवन के लिये अधिक सुरक्षित है. भारतीय आयुर्वेद अब तक लगभग 800 वनस्पती प्रजातियों का अनुसंधान कर औषधीय रूप मे उपयोग कर पाया है. वही आदिमजनों द्वारा विभिन्न असाध्य व असाध्य रोग दोषों के निवारण हेतू लगभग 8000 प्रजाति के वनऔषधी उपयोग करते हैं. यह आधुनिक सभ्य समाज के लिये हे आश्चर्यजनक किन्तु सत्य है. इनमे से इरुक पुष्प भी एक औषधी है. इरुक पुष्प का उपयोग आदिम समाज मे विभिन्न तरीके से औषधीय रूप मे उपयोग किये जाते है जो निंम्नानुसार है-ं
1. ताजे व सुखे पुष्प औषधी के रूप में-
(क) यह भोजन के रूप मे शक्तिवर्धक और स्फूर्ती दायक होता है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता की बडोत्री करता हे पेट व पाचन संबंधी विकारोंकों दूर करता है
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